Education cannot be effective unless it helps a child open up himself to life - Maria Montessori

Raj Basha - Hindi Page

राजभाषा कार्यान्वन समिति-

परमाणु ऊर्जा केन्द्रीय विद्यालय, क्रमांक-३, रावतभाटा

परमाणु ऊर्जा केन्द्रीय विद्यालय, क्रमांक- ३, रावतभाटा की राजभाषा कार्यान्वन समिति हिन्दी भाषा के प्रसार-प्रचार के लिए राजभाषा विभाग के निर्देशों के आधार पर कार्य करती है| इस संदर्भ में विद्यालय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है| हिन्दी पखवाड़े के तहत विद्यालय में हिन्दी भाषा से सम्बन्धित कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाता है| इसी के साथ समय-समय पर हिन्दी भाषा से सम्बन्धित प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाता है| गैर-हिन्दी भाषी विद्यार्थियों एवं कार्मिकों में हिन्दी भाषा के प्रति रुझान विकसित करने का प्रयास किया जाता है| समिति के सदस्य विद्यालय प्रमुख के निर्देशन में समय-समय पर बैठक का आयोजन करते हैं, जिसमें हिन्दी भाषा के प्रसार-प्रचार से सम्बन्धित रूपरेखा तैयार की जाती है| राजभाषा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग से सम्बन्धित तिमाही एवं वार्षिक रिपोर्ट निश्चित समय पर केन्द्रीय कार्यालय परमाणु ऊर्जा शिक्षण संस्थान, मुंबई को भेजी जाती है|

राजभाषा कार्यान्वन समिति-

अध्यक्ष- विद्यालय प्रमुख एवं प्राचार्य

समन्वयक- विद्यालय उप-प्राचार्य श्री पी.नरसिम्मन

समिति प्रभारी - श्री ओमप्रकाश मीना, स्नातकोत्तर शिक्षक, हिन्दी

सदस्य- श्री धनराज मीना, वरिष्ठ प्रक्षिशित स्नातक शिक्षक, हिन्दी

श्रीमती शुचिता शर्मा, प्रक्षिशित स्नातक शिक्षिका

श्री पवन कुमार, प्रधानाध्यापक

श्रीमती सुनीला देवी, वरिष्ठ प्राथमिक शिक्षिका

श्री महेन्द्र सिंह परिहार, कनिष्ठ लिपिक

विद्यालय स्तर पर समिति के कार्य एवं उद्देश्य –

  1. राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्य करना|
  2. केन्द्रीय राजभाषा कार्यान्वन समिति की बैठकों में भाग लेना तथा बैठक के कार्यवृत पर कार्य करना
  3. राजभाषा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग से सम्बन्धित तिमाही एवं वार्षिक रिपोर्ट निश्चित समय पर केन्द्रीय कार्यालय परमाणु ऊर्जा शिक्षण संस्थान, मुंबई को भेजना
  4. हिन्दी पखवाड़े का आयोजन करना|
  5. राजभाषा विभाग द्वारा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्तुत विभिन्न पुरस्कार योजनाओं को कार्यान्वित करना|
  6. गैर-हिन्दी भाषी क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं कार्मिकों में हिन्दी भाषा के प्रति रुझान को विकसित करना|
  7. विभिन्न प्रतियोगियों के माध्यम से हिन्दी भाषा के प्रसार-प्रचार को बढ़ावा देना|